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Mid Cap Stocks खोजने की Screener Query: Market Cap Filter | Stock Biz

SCREENER QUERY GUIDE

Mid Cap Stocks खोजने की Screener Query

सीधा उत्तर: यह Screener Query भारतीय शेयर बाजार की उन कंपनियों को छांटकर निकालती है जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹5,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ के बीच है। यह रेंज मिड कैप यूनिवर्स पर अपनी शुरुआती रिसर्च शुरू करने का सबसे आसान और प्रैक्टिकल तरीका है।

हजारों लिस्टेड कंपनियों में से बिना किसी उलझन के सही मिड-साइज स्टॉक्स की लिस्ट कैसे बनाएं और उनमें से अच्छे बिजनेस कैसे पहचानें, आइए बिल्कुल आसान बोलचाल में समझते हैं।

⚠️ जरूरी सूचना: यह लेख केवल Educational और Informational उद्देश्य के लिए है। यह Query किसी शेयर को Buy, Sell या Hold करने की सिफारिश नहीं है। यह सिर्फ रिसर्च को आसान बनाने का एक फिल्टरिंग टूल है।

1. यह Query क्यों जरूरी है? (Why This Query Matters)

मार्केट में 4,000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं। अगर आप बिना किसी फिल्टर के स्टॉक ढूंढने बैठेंगे, तो या तो बहुत बड़ी और धीमी कंपनियों (लार्ज कैप) में उलझ जाएंगे, या फिर किसी रिस्की पेनी स्टॉक के चक्कर में फंस जाएंगे।

मिड कैप कंपनियां वो होती हैं जिनका बिजनेस मॉडल पहले ही सेट हो चुका है और अब उनके पास पूरे देश में तेजी से फैलने का मौका है। यह क्वेरी एक क्लिक में आपके सामने सिर्फ वही कंपनियां रखती है जो ग्रोथ के इस सबसे सही मोड़ (Sweet Spot) पर खड़ी हैं।

2. 🔎 Screener Query — Copy & Paste

नीचे दिए गए बॉक्स से कोड कॉपी करें और सीधे Screener.in के सर्च बॉक्स में पेस्ट कर दें:

CORE MID CAP SCREENING QUERY
Market Capitalization > 5000 AND Market Capitalization < 20000

3. Query का आसान मतलब

इस Query का सीधा सा मतलब है: "मुझे ऐसी कंपनियां दिखाओ जिनका कुल साइज (मार्केट कैप) ₹5,000 करोड़ से बड़ा हो, लेकिन ₹20,000 करोड़ से छोटा हो।"

💡 ध्यान देने वाली बात: सेबी के नियम से 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां मिड कैप होती हैं। चूंकि शेयर के भाव रोज बदलते हैं, इसलिए ₹5,000 से ₹20,000 करोड़ की सीमा एक प्रैक्टिकल फिल्टर है, कोई पत्थर की लकीर नहीं।

4. हर Condition की सीधी व्याख्या

Condition आसान मतलब फायदा क्या है? सावधानी क्या रखें?
Market Capitalization > 5000 कंपनी का कुल बाजार भाव ₹5,000 Cr से अधिक हो। ऑपरेटर वाले पेनी स्टॉक्स और छोटी-मोटी फर्में अपने आप बाहर हो जाती हैं। ₹5,000 करोड़ से बड़ी होने का यह मतलब नहीं कि कंपनी कभी घाटे में नहीं जा सकती।
Market Capitalization < 20000 कंपनी का कुल बाजार भाव ₹20,000 Cr से कम हो। बहुत बड़ी और धीमी रफ्तार वाली लार्ज कैप कंपनियां अलग हो जाती हैं। अच्छी मिड कैप कंपनियां तेजी से बढ़कर ₹20,000 करोड़ की सीमा पार भी कर सकती हैं।

5. यह Query किस तरह के Stocks खोजती है?

🚀 स्केल-अप स्टेज वाले शेयर

जो शुरुआती रिस्क पार कर चुके हैं और अब अपने सेक्टर में मजबूती से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

⚖️ ग्रोथ और सेफ्टी का बैलेंस

इनमें लार्ज कैप से तेज रिटर्न देने की क्षमता होती है और पेनी स्टॉक्स के मुकाबले बहुत कम रिस्क रहता है।

🏢 संस्थागत निवेशकों का भरोसा

इस साइज में आने के बाद म्यूचुअल फंड्स और विदेशी निवेशक (FIIs) भी इनमें पैसा लगाने लगते हैं।

🏆 कल के लार्ज कैप्स

आज की मजबूत मिड कैप कंपनी ही आने वाले 5 से 10 सालों में देश की टॉप-100 कंपनियों में शामिल होती है।

6. मिड कैप में अच्छा Business कैसे पहचानें?

केवल साइज में मिड कैप होने से कोई शेयर अच्छा नहीं हो जाता। लिस्ट में से बेहतरीन कंपनी छांटने के लिए ये 5 बुनियादी बातें जरूर देखें:

  • Sales और Profit Growth: क्या कंपनी पिछले 3-5 सालों से हर साल कम से कम 12-15% की रफ्तार से अपनी बिक्री और मुनाफा बढ़ा रही है?
  • ROCE और ROE: क्या कंपनी अपने लगाए गए पैसे पर कम से कम 15% की कमाई (Return) बना रही है?
  • Operating Cash Flow: क्या कंपनी का मुनाफा सिर्फ बिलों और खातों पर दिख रहा है, या सचमुच बैंक खाते में कैश आ रहा है?
  • Debt to Equity: कंपनी पर कर्ज उसकी हैसियत (इक्विटी) के मुकाबले कम (आदर्श रूप से 0.5 से नीचे) होना चाहिए।
  • प्रमोटर होल्डिंग: प्रमोटर की हिस्सेदारी स्थिर होनी चाहिए और उनका कोई भी शेयर बैंक में गिरवी (Pledged) नहीं होना चाहिए।

7. Screener पर Query कैसे चलाएं? (Step-by-Step)

  1. ब्राउज़र में Screener.in ओपन करें।
  2. ऊपर दिए गए मेन्यू में Screens पर जाएं और Create a search query चुनें।
  3. ऊपर दिए गए बॉक्स से Copy Query बटन दबाकर कोड कॉपी करें और खाली बॉक्स में पेस्ट कर दें।
  4. Run this Query बटन पर क्लिक करें।
  5. सामने आई लिस्ट को देखें और कंपनियों के नाम पर क्लिक करके उनकी बैलेंस शीट और नतीजे पढ़ना शुरू करें।

8. रिजल्ट आने के बाद क्या करें और Query कैसे बदलें?

मान लीजिए Query रन करने पर आपके सामने 150 कंपनियां आ गईं। अब 150 कंपनियों को एक-एक करके देखना मुश्किल है। लिस्ट को और छोटा और क्वालिटी वाला बनाने के लिए आप Query में कुछ और शर्तें जोड़ सकते हैं:

क्वालिटी मिड कैप के लिए एडवांस फॉर्मूला (उदाहरण):
Market Capitalization > 5000 AND
Market Capitalization < 20000 AND
Return on capital employed > 15 AND
Debt to equity < 0.5 AND
Sales growth 3Years > 10

इससे कमजोर और ज्यादा कर्ज वाली कंपनियां अपने आप बाहर हो जाएंगी और आपके सामने केवल 20-30 चुनिंदा क्वालिटी स्टॉक्स की लिस्ट रह जाएगी।

9. नए निवेशकों की 5 आम गलतियां

  • ❌ Query रिजल्ट को सीधी Buy List समझना: लिस्ट में सबसे ऊपर दिख रहे शेयर को बिना सोचे-समझे खरीद लेना।
  • ❌ मिड कैप को पक्का मल्टीबैगर मानना: यह सोच लेना कि मिड कैप है तो पैसा 2-3 साल में दोगुना-तिगुना हो ही जाएगा।
  • ❌ कैश फ्लो चेक न करना: सिर्फ नेट प्रॉफिट देखना और यह न देखना कि जेब में असली कैश आया या नहीं।
  • ❌ वैल्यूएशन भूल जाना: अच्छी कंपनी को भी 100 के P/E पर खरीद लेना, जिससे करेक्शन में नुकसान हो सकता है।
  • ❌ बैंकों पर यही नियम लगाना: बैंक और NBFCs का कर्ज हमेशा ज्यादा दिखता है, इसलिए उन पर लो-डेट वाला नियम सीधे नहीं लगता।

10. मिड कैप स्टॉक्स में रिस्क क्या होता है? (Risk Awareness)

  • अस्थिरता (Volatility): जब मार्केट में गिरावट आती है, तो लार्ज कैप 10% गिरते हैं तो मिड कैप 20% से 30% तक आसानी से फिसल सकते हैं।
  • लिक्विडिटी रिस्क: मंदी के दौर में मिड कैप कंपनियों में खरीदार कम हो जाते हैं, जिससे बड़े ऑर्डर बेचना मुश्किल हो सकता है।
  • मैनेजमेंट की गलती: कई बार कंपनियां तेजी से बड़ा बनने के चक्कर में बहुत ज्यादा कर्ज ले लेती हैं और मंदी आने पर संकट में फंस जाती हैं।

11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या इस Query के बाद सीधे शेयर खरीद सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। यह सिर्फ कंपनियों की छंटनी करने का पहला कदम है। इसके बाद कंपनी का बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन और कैश फ्लो देखना जरूरी है।
Q2. क्या ₹5,000–₹20,000 करोड़ मिड कैप की पक्की परिभाषा है?
नहीं। यह रिसर्च के लिए एक आसान रेंज है। सेबी के हिसाब से मार्केट की 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां मिड कैप होती हैं।
Q3. अगर Query रन करने पर बहुत ज्यादा कंपनियां आ जाएं तो क्या करें?
आप साथ में ROCE > 15 और Debt to equity < 0.5 का फिल्टर जोड़ दें, लिस्ट अपने आप छोटी और मजबूत हो जाएगी।
Q4. क्या स्क्रीनर के रिजल्ट्स बदलते रहते हैं?
हाँ। जैसे-जैसे शेयर के दाम और कंपनियों के हर तीन महीने के नतीजे बदलते हैं, स्क्रीनर की लिस्ट भी अपने आप अपडेट होती रहती है।

12. रिसर्च चेकलिस्ट (Checklist)

  • क्या आपने Query को Screener पर सही तरीके से चलाकर देखा?
  • क्या आपने कंपनी का मुख्य काम (धंधा) समझ लिया है?
  • क्या कंपनी की पिछले 3 साल की सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ ठीक है?
  • क्या कंपनी का कैश फ्लो पॉजिटिव है?
  • क्या कंपनी पर कर्ज सुरक्षित दायरे में है?
  • क्या प्रमोटर के शेयर गिरवी नहीं रखे हैं?
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1. सीधी Query: Market Capitalization > 5000 AND Market Capitalization < 20000

2. मुख्य काम: पेनी स्टॉक्स और बहुत बड़ी सुस्त कंपनियों को हटाकर काम की मिड-साइज लिस्ट तैयार करना।

3. सीधा नियम: स्क्रीनर सिर्फ लिस्ट देता है; असली मुनाफा कंपनी के बिजनेस को समझकर ही बनता है।

संबंधित गाइड्स (Related Guides)

"एक अच्छी Query आपको संभावनाओं की एक लिस्ट देती है, लेकिन सही रिसर्च और धैर्य आपको उस लिस्ट में से भविष्य के लीडर्स को पहचानना सिखाता है।"
Stock Biz Original Thought — Vivek Malviya
SEBI Educational Disclaimer: यह content केवल Educational और Informational purpose के लिए है। यह किसी भी stock को Buy, Sell या Hold करने की recommendation, investment advice या guaranteed return का दावा नहीं है। Stock Market में Investment और Trading market risk के अधीन हैं। किसी भी investment decision से पहले अपनी research करें और जरूरत पड़ने पर SEBI-registered investment adviser से सलाह लें। Past performance future returns की guarantee नहीं है।

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