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Quality + Growth + Value Stocks Screener Query: Advanced Formula | Stock Biz

SCREENER QUERY GUIDE

Quality + Growth + Value Stocks की Advanced Screener Query

🎯 आर्टिकल का उद्देश्य और संदर्भ: अधिकांश निवेशक स्टॉक चुनते समय किसी एक पहलू में अटक जाते हैं। कुछ केवल सस्ती कंपनियां (Value) तलाशते हैं और ऐसी कंपनियों में फंस जाते हैं जिनका कारोबार खत्म हो रहा होता है। वहीं कुछ निवेशक केवल तेज बढ़ने वाली कंपनियां (Growth) ढूंढते हैं और अत्यधिक महंगे भाव (80-100 P/E) पर खरीदारी कर लेते हैं। यह आर्टिकल इसलिए तैयार किया गया है ताकि इन्वेस्टर और ट्रेडर बिना किसी पूर्वाग्रह के यह सीख सकें कि उच्च बिजनेस क्वालिटी, लगातार सेल्स व प्रॉफिट ग्रोथ और वाजिब मूल्यांकन (Reasonable Valuation) का एक संतुलित संगम डेटा के जरिए कैसे खोजा जाता है।

TITLE का स्पष्ट अर्थ: "Quality + Growth + Value Stocks" का मतलब ऐसी कंपनियों की प्राथमिक स्क्रीनिंग करना है जो पूंजी पर मजबूत रिटर्न (Quality) बना रही हों, जिनके कारोबार और मुनाफे में लगातार विस्तार (Growth) हो रहा हो, और जो अपनी कमाई क्षमता के मुकाबले बहुत अधिक प्रीमियम भाव (Value) पर न मिल रही हों।

त्वरित उत्तर: यह एडवांस Screener Query भारतीय शेयर बाजार की उन कंपनियों को फिल्टर करती है जिनका ROCE 18% से अधिक हो, 3 साल की सेल्स ग्रोथ 12% से ज्यादा हो, 3 साल की प्रॉफिट ग्रोथ 15% से ऊपर हो, Debt to Equity 0.6 से कम हो और P/E रेशियो 25 से नीचे बना हुआ हो।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख केवल शैक्षणिक (Educational and Informational) उद्देश्य के लिए है। Screener Query किसी स्टॉक को Buy, Sell या Hold करने की सिफारिश नहीं है। Query केवल screening और initial research process में सहायता करती है।

1. यह Query क्यों जरूरी है? (Why This Query Matters)

शेयर बाजार में 4,000 से अधिक लिस्टेड स्टॉक्स हैं। अगर आप सिर्फ एक रेश्यो के आधार पर स्क्रीन करेंगे, तो परिणाम अक्सर अधूरा रहेगा:

  • सिर्फ Low P/E देखा तो: ऐसी कंपनियां सामने आ सकती हैं जिन पर भारी कर्ज हो या जिनका बिजनेस मॉडल खत्म हो रहा हो (Value Trap)।
  • सिर्फ High Growth देखा तो: ऐसी कंपनियां आ सकती हैं जो ग्रोथ तो दिखा रही हैं, लेकिन कैश फ्लो नेगेटिव है और वैल्यूएशन 100 गुना महंगा है।
  • सिर्फ High ROE/ROCE देखा तो: ऐसी कंपनियां मिल सकती हैं जो छोटी हैं लेकिन उनकी बिक्री कई सालों से एक जगह स्थिर खड़ी है।

जब आप इन तीनों स्तंभों (Quality + Growth + Value) को एक साथ तार्किक रूप से जोड़ते हैं, तो बाजार का 95% शोर स्वतः बाहर हो जाता है और केवल मजबूत, तेजी से बढ़ती व वाजिब भाव वाली चुनिंदा कंपनियां ही आगे की रिसर्च के लिए स्क्रीन पर बचती हैं।

2. कोर कॉन्सेप्ट: तीनों स्तंभों का तार्किक संतुलन

इस एडवांस स्क्रीनिंग को चलाने से पहले इसके तीनों स्तंभों को बुनियादी रूप से समझना आवश्यक है:

  • पहला स्तंभ - Quality (पूंजी दक्षता): इसे Return on Capital Employed (ROCE) से आंका जाता है। 18%+ ROCE यह साबित करता है कि कंपनी अपने कारोबार में लगाए गए हर 100 रुपये पर शानदार ऑपरेटिंग मुनाफा कमा रही है।
  • दूसरा स्तंभ - Growth (विस्तार की गति): इसे 3 साल की सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ से देखा जाता है। सेल्स 12%+ और प्रॉफिट 15%+ का मतलब है कि कंपनी अपने मार्केट में प्रोडक्ट डिमांड बढ़ा रही है।
  • तीसरा स्तंभ - Value (मार्जिन ऑफ सेफ्टी): इसे P/E रेशियो और PEG के नजरिए से देखा जाता है। यदि प्रॉफिट 15-20% बढ़ रहा है और P/E 25 के भीतर है, तो यह वाजिब मूल्यांकन का संकेत है।
  • चौथा सहायक स्तंभ - Financial Health: कंपनी पर कर्ज (Debt to Equity) इक्विटी के 60% से कम होना चाहिए ताकि ब्याज का बोझ ग्रोथ को रोक न सके।

3. कौन इस्तेमाल कर सकता है, कब करें और कब बचें?

उपयोगकर्ता: लॉन्ग-टर्म वेल्थ कंपाउंडर्स, कोर पोर्टफोलियो बनाने वाले निवेशक, और फंडामेंटल आधारित स्विंग ट्रेडर्स जो मजबूत बिजनेस में सही स्तर पर पोजीशन प्लान करते हैं।

कब इस्तेमाल करें: तिमाही नतीजों के बाद, या जब मार्केट में बड़ा करेक्शन आए और क्वालिटी ग्रोथ स्टॉक्स सस्ते वैल्यूएशन पर आ जाएं।

कब इस्तेमाल न करें: बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियों पर यह क्वेरी न चलाएं, क्योंकि बैंकों के लिए Debt to Equity और ROCE का पैमाना अलग होता है। इसी तरह टर्नअराउंड या डीप-साइक्लिकल स्टॉक्स की खोज में यह स्क्रीन उपयुक्त नहीं है।

4. अच्छा Business कैसे पहचानें? (शॉर्टलिस्ट के बाद की जांच)

स्क्रीनर से परिणाम मिलने के बाद किसी स्टॉक को फाइनल चुनने से पहले इन 5 बातों की गहराई से पुष्टि करें:

  • Operating Cash Flow: कंपनी का शुद्ध लाभ खातों के अलावा बैंक खाते में नकदी बनकर आ रहा है या नहीं? CFO/PAT का अनुपात 0.8 से अधिक होना स्वस्थ संकेत है।
  • प्रॉफिट ग्रोथ की प्रकृति: क्या मुनाफा मुख्य कारोबार से बढ़ा है या किसी एकमुश्त संपत्ति की बिक्री (Other Income) से?
  • प्रमोटर होल्डिंग व प्लेज: प्रमोटर की हिस्सेदारी मजबूत और स्थिर होनी चाहिए, और कोई भी शेयर बैंक में गिरवी नहीं होना चाहिए।
  • वर्किंग कैपिटल चक्र: क्या कंपनी का पैसा बाजार में ग्राहकों के पास फंसा हुआ तो नहीं है (Debtor Days का ट्रेंड)?
  • प्रतियोगी बढ़त (Moat): क्या कंपनी के पास ऐसा ब्रांड या पेटेंट है जो भविष्य में नए प्रतिस्पर्धियों को रोक सके?

5. Fundamental Analysis और Valuation की समझ

Fundamental Analysis Connection: स्क्रीनर केवल पहली छलनी है जो 4,000 कंपनियों में से लगभग 25-30 मजबूत नाम सामने लाती है। इसके बाद कंपनी के एनुअल रिपोर्ट, इंडस्ट्री टेलविंड्स और मैनेजमेंट की ईमानदारी की जांच अनिवार्य होती है।

📊 फंडामेंटल एनालिसिस को व्यवस्थित रूप से सीखें: बैलेंस शीट, P&L और कैश फ्लो का अध्ययन कैसे करें।
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वैल्यूएशन समझ: याद रखें कि Low Valuation ≠ Automatically Good। यदि कोई कंपनी 12 के P/E पर मिल रही है लेकिन उसका ग्रोथ रेट गिर रहा है, तो वह वैल्यू ट्रैप हो सकती है। इसी तरह 22 का P/E यदि 20% की लगातार ग्रोथ और 22% ROCE के साथ मिल रहा है, तो वह एक शानदार वैल्यूएशन हो सकता है।

6. Risks और Common Mistakes

  • ❌ स्क्रीनर रिजल्ट को सीधी Buy लिस्ट मान लेना: बिना एनुअल रिपोर्ट और बिजनेस मॉडल समझे सीधे ट्रेडिंग टर्मिनल पर ऑर्डर डाल देना।
  • ❌ साइक्लिकल टॉप पर खरीदारी: कमोडिटी स्टॉक्स अपने पीक पर हाई ग्रोथ और लो P/E दोनों दिखाते हैं, जो चक्र बदलते ही पलट सकते हैं।
  • ❌ कैश फ्लो को नजरअंदाज करना: केवल P&L का नेट प्रॉफिट देखना और यह न देखना कि ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव है या नहीं।
  • ❌ बैंकों पर यह फिल्टर लगाना: बैंकों का कर्ज हमेशा ज्यादा दिखेगा, इसलिए उन्हें इस स्क्रीन से जज नहीं किया जा सकता।
  • ❌ बहुत ज्यादा सख्त फिल्टर्स लगाना: यदि आप 30% ROCE और 5 का P/E मांगेंगे, तो स्क्रीन पर शून्य रिजल्ट आएगा।
"क्वालिटी आपको मानसिक शांति देती है, ग्रोथ आपकी संपत्ति को बढ़ाती है, और सही वैल्यूएशन आपके नुकसान के जोखिम को न्यूनतम कर देता है।"
📘 Stock Biz Learning Note

7. 🔎 Screener Query — Copy & Paste

पूरे कॉन्सेप्ट, बिजनेस संदर्भ और रिस्क को समझने के बाद, अब आप नीचे दी गई प्रमाणित व एडवांस्ड Screener Query को एक क्लिक में कॉपी करके इस्तेमाल कर सकते हैं:

QUALITY + GROWTH + VALUE ADVANCED SCREENER QUERY
Return on capital employed > 18 AND Return on equity > 15 AND Sales growth 3Years > 12 AND Profit growth 3Years > 15 AND Debt to equity < 0.6 AND Price to Earning < 25 AND Price to Earning > 0 AND Market Capitalization > 1000

8. Query की हर Condition और Symbols की व्याख्या

Condition आसान मतलब क्यों रखा गया? क्या सावधानी रखें?
Return on capital employed > 18 नियोजित कुल पूंजी पर 18% से अधिक ऑपरेटिंग मुनाफा। बिजनेस की कोर ऑपरेशनल कार्यकुशलता और क्वालिटी प्रमाणित करने के लिए। भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में यह स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम हो सकता है।
Return on equity > 15 शेयरधारकों की इक्विटी पर 15% से अधिक का नेट रिटर्न। शेयरहोल्डर्स के पैसे पर शुद्ध कमाई की गति पक्की करने के लिए। कर्ज लेकर भी ROE बढ़ाया जा सकता है, इसलिए साथ में Debt देखना जरूरी है।
Sales growth 3Years > 12 पिछले 3 साल में सेल्स की सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ 12%+ हो। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की बाजार मांग लगातार बढ़ रही है। अतीत की बिक्री भविष्य के नए ऑर्डर्स की पूर्ण गारंटी नहीं होती।
Profit growth 3Years > 15 3 साल की सालाना नेट प्रॉफिट ग्रोथ 15%+ हो। सेल्स के साथ-साथ कंपनी की बॉटमलाइन में भी तेज विस्तार साबित करने के लिए। जांचें कि मुनाफा मुख्य धंधे से आया है या किसी संपत्ति की बिक्री से।
Debt to equity < 0.6 कुल उधारी कंपनी की कुल इक्विटी के 60% से कम हो। कंपनी को ब्याज के भारी बोझ और डिफॉल्ट के रिस्क से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए। बैंकिंग और NBFC सेक्टर पर यह नियम लागू नहीं होता।
Price to Earning < 25 P/E रेशियो 25 से कम होना चाहिए। ओवरवैल्यूड और अत्यधिक महंगे हाइप वाले स्टॉक्स को बाहर करने के लिए। अत्यधिक हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में 25 P/E के भीतर स्टॉक्स मिलना कठिन हो सकता है।
Price to Earning > 0 P/E शून्य से ऊपर (पॉजिटिव) होना चाहिए। घाटे में चल रही कंपनियों को फिल्टर से बाहर रखने के लिए। टर्नअराउंड कंपनियां जो अभी घाटे से बाहर आ रही हैं, वे इसमें नहीं दिखेंगी।
Market Cap > 1000 बाजार पूंजीकरण ₹1,000 करोड़ से ऊपर हो। ऑपरेटर-ड्रिवन और अत्यधिक इललिक्विड पेनी स्टॉक्स से सुरक्षा के लिए। माइक्रो-कैप में रिसर्च करने वाले इसे ₹500 Cr तक घटा सकते हैं।

सिंबल्स का अर्थ: > (अधिक होना), < (कम होना), और AND (सभी शर्तों का एक साथ पूरा होना अनिवार्य है)।

9. Screener.in पर Step-by-Step Use कैसे करें?

  1. ब्राउज़र में Screener.in ओपन करें।
  2. शीर्ष मेनू में Screens पर जाएं और Create a search query पर क्लिक करें।
  3. ऊपर दिए गए बॉक्स से Copy Query बटन दबाकर कोड कॉपी करें।
  4. क्वेरी एरिया में पेस्ट करें और Run this Query बटन दबाएं।
  5. सामने आई लिस्ट में कंपनियों की संख्या देखें और उन्हें इंडस्ट्री-वाइज छांटकर उनके वित्तीय बयानों की जांच करें।

10. Result Interpretation, Customization और Practical Example

हाइपोथेटिकल उदाहरण: मान लीजिए Query रन करने पर आपके सामने 20 कंपनियां आती हैं। इनमें से एक स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी का ROCE 22% है, 3 साल की सेल्स ग्रोथ 16% है, प्रॉफिट ग्रोथ 20% है, Debt to Equity 0.2 है और P/E 21 है।

अब आगे की रिसर्च में आप उसका कैश फ्लो देखते हैं, जो लगातार नेट प्रॉफिट के बराबर आ रहा है। प्रमोटर के शेयर बिल्कुल गिरवी नहीं हैं। यह कंपनी एक मजबूत Research Candidate बन जाती है, जिसे वॉचलिस्ट में रखकर सही वैल्यूएशन और सपोर्ट लेवल पर ट्रैक किया जा सकता है।

  • यदि बहुत ज्यादा नतीजे आएं (Too Many Results): आप फिल्टर्स को थोड़ा सख्त कर सकते हैं, जैसे Sales growth 3Years > 15 और Price to Earning < 20।
  • यदि बहुत कम नतीजे आएं (Too Few Results): आप P/E की सीमा को थोड़ा ढीला कर सकते हैं, जैसे Price to Earning < 30, क्योंकि क्वालिटी कंपनियां अक्सर 25 P/E से ऊपर ट्रेड करती हैं।

11. Research Checklist

  • क्या आपने Query को Screener पर सही सिंटेक्स के साथ रन किया?
  • क्या कंपनी का 3-5 साल का ऑपरेटिंग कैश फ्लो (CFO) लगातार पॉजिटिव है?
  • क्या प्रॉफिट ग्रोथ के साथ-साथ टॉपलाइन सेल्स में भी निरंतर विस्तार हो रहा है?
  • क्या कंपनी का डेट-टू-इक्विटी अनुपात 0.6 से नीचे सुरक्षित बना हुआ है?
  • क्या प्रमोटर के शेयर बैंक में गिरवी (Pledge) नहीं रखे हैं?
  • क्या वर्तमान P/E इंडस्ट्री के औसत के मुकाबले उचित और वाजिब है?

12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या इस Query के बाद सीधे शेयर खरीदा जा सकता है?
कदापि नहीं। यह केवल आपकी प्राथमिक रिसर्च लिस्ट है। इसके बाद कंपनी का बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट क्वालिटी और वैल्यूएशन जांचना अनिवार्य है।
Q2. क्या 25 से कम P/E में अच्छी ग्रोथ वाली कंपनियां मिल जाती हैं?
बुल मार्केट में ऐसी कंपनियां कम मिलती हैं, लेकिन मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में या मार्केट करेक्शन के समय ऐसी मजबूत कंपनियां इस वैल्यूएशन पर अक्सर उपलब्ध होती हैं।
Q3. क्या यह Query बैंकिंग सेक्टर पर काम करेगी?
नहीं। बैंकों के लिए Debt to Equity और ROCE का इस्तेमाल नहीं होता। बैंकों के लिए NIM, NPA, ROA और P/B रेशियो देखा जाता है।
Q4. क्या स्क्रीनर के नतीजे समय के साथ बदलते रहते हैं?
हाँ। जैसे-जैसे शेयर भाव बदलते हैं और हर तीन महीने में तिमाही नतीजे घोषित होते हैं, स्क्रीनर की शॉर्टलिस्ट स्वतः अपडेट होती रहती है।

13. 🌐 Stock Biz Master Resource Hubs

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1. कोर फॉर्मूला: ROCE > 18 AND Sales growth 3Years > 12 AND Profit growth 3Years > 15 AND Price to Earning < 25

2. मुख्य सीख: क्वालिटी, ग्रोथ और वैल्यूएशन को एक साथ देखने पर ही बिना ज्यादा रिस्क लिए मजबूत कंपाउंडिंग स्टॉक्स मिलते हैं।

3. गोल्डन रूल: अगर कंपनी के पास सकारात्मक ऑपरेटिंग कैश फ्लो नहीं है, तो आंकड़े कागजी हो सकते हैं।

SEBI Educational Disclaimer: यह content केवल Educational और Informational purpose के लिए है। यह किसी भी stock को Buy, Sell या Hold करने की recommendation, investment advice या guaranteed return का दावा नहीं है। Stock Market में Investment और Trading market risk के अधीन हैं। किसी भी investment decision से पहले अपनी research करें और जरूरत पड़ने पर SEBI-registered investment adviser से सलाह लें। Past performance future returns की guarantee नहीं है।

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