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Positive EPS वाली Companies खोजने की Screener Query | Stock Biz

SCREENER QUERY GUIDE

Positive EPS वाली Companies खोजने की Screener Query

त्वरित उत्तर: यह Screener Query भारतीय शेयर बाजार की उन कंपनियों को फिल्टर करती है जिनका EPS (Earnings Per Share) शून्य से ऊपर है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी घाटे में नहीं चल रही है और अपने हर शेयर पर वास्तविक शुद्ध मुनाफा कमा रही है।

शेयर बाजार में सुरक्षित निवेश की सबसे पहली सीढ़ी उन कंपनियों को अलग करना है जो सचमुच मुनाफा बना रही हैं। आइए समझते हैं कि Positive EPS का क्या महत्व है और इसे स्क्रीनर पर कैसे फिल्टर किया जाता है।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख केवल Educational और Informational उद्देश्य के लिए है। Screener Query किसी भी स्टॉक को Buy, Sell या Hold करने की सिफारिश नहीं है। यह सिर्फ रिसर्च को आसान बनाने का एक प्राथमिक टूल है।

1. यह Query क्यों जरूरी है? (Why This Query Matters)

मार्केट में सैकड़ों ऐसी कंपनियां लिस्टेड हैं जो केवल नाम के लिए कारोबार कर रही हैं, लेकिन असल में हर तिमाही भारी घाटा (Net Loss) उठा रही हैं। नए निवेशक अक्सर कम भाव के चक्कर में ऐसी लॉस-मेकिंग कंपनियों के पेनी स्टॉक्स खरीद लेते हैं।

Positive EPS फिल्टर लगाने से घाटे में चल रही कंपनियां एक ही झटके में आपकी स्क्रीन से बाहर हो जाती हैं। इससे आपकी रिसर्च केवल उन्हीं कंपनियों पर केंद्रित होती है जो अपने ऑपरेशंस से शुद्ध लाभ कमाने में सक्षम हैं।

2. Positive EPS क्या होता है और यह क्या बताता है?

EPS यानी Earnings Per Share यह दिखाता है कि कंपनी ने कुल नेट प्रॉफिट में से प्रत्येक शेयर के हिस्से में कितना मुनाफा कमाया है।

✅ प्रॉफिटेबिलिटी का सबूत

Positive EPS का अर्थ है कि कंपनी टैक्स और खर्चे चुकाने के बाद शुद्ध लाभ बना रही है।

🚫 लॉस मेकिंग स्टॉक्स बाहर

जिन कंपनियों का नेट प्रॉफिट माइनस में होता है, उनका EPS निगेटिव होता है, जो तुरंत छंट जाती हैं।

📊 वैल्यूएशन का आधार

P/E रेशियो निकालने के लिए Positive EPS होना अनिवार्य है, बिना इसके सही वैल्यूएशन नहीं निकलता।

🌱 बिजनेस स्टेबिलिटी

लगातार बढ़ता हुआ Positive EPS यह दर्शाता है कि बिजनेस समय के साथ मजबूत हो रहा है।

3. EPS के साथ और क्या देखना जरूरी है? (Research Parameters)

सिर्फ EPS 0 से बड़ा होना ही काफी नहीं है। एक मजबूत बिजनेस की पहचान के लिए इन बातों को जोड़कर देखना चाहिए:

  • EPS Growth: क्या EPS पिछले 3-5 सालों में लगातार बढ़ रहा है, या सिर्फ किसी एक तिमाही में अचानक उछला है?
  • Sales & Profit Growth: क्या कंपनी की बिक्री सचमुच बढ़ रही है या केवल खर्चे काटकर थोड़ा सा प्रॉफिट दिखाया गया है?
  • Operating Cash Flow: क्या कागजों पर दिख रहा EPS वास्तविक कैश बनकर बैंक खाते में आ रहा है?
  • Debt to Equity: कंपनी पर कर्ज सीमित होना चाहिए, ताकि ब्याज चुकाने में मुनाफा खत्म न हो।
  • ROCE और ROE: क्या कंपनी अपनी पूंजी पर कम से कम 15% का रिटर्न बना पा रही है?

4. Screener पर Step-by-Step उपयोग और रिजल्ट का विश्लेषण

Screener.in पर जब आप यह बुनियादी फिल्टर चलाते हैं, तो आमतौर पर सैकड़ों कंपनियां सामने आ जाती हैं क्योंकि बहुत सी कंपनियां पॉजिटिव ईपीएस दिखाती हैं। इसलिए रिजल्ट आने के बाद यह स्टेप्स फॉलो करें:

  1. वेब ब्राउज़र में Screener.in खोलें और Screens मेन्यू में जाकर Create a search query पर क्लिक करें।
  2. आगे दिए गए बॉक्स से Query कॉपी करके वहां पेस्ट करें और Run this Query दबाएं।
  3. रिजल्ट्स की संख्या देखने के बाद कंपनियों को मार्केट कैप और सेक्टर वाइज अलग करें।
  4. देखें कि EPS किसी वन-टाइम एक्स्ट्रा इनकम (Other Income) की वजह से तो पॉजिटिव नहीं हुआ है।
  5. कंपनी का 5 साल का EPS ट्रेंड चार्ट चेक करें।

5. नए निवेशकों की आम गलतियां और रिस्क अवेयरनेस

  • ❌ सिर्फ EPS > 0 देखकर शेयर खरीद लेना: ₹0.10 का EPS भी पॉजिटिव होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी बहुत मजबूत है।
  • ❌ Other Income का भ्रम: कई बार कंपनी अपनी कोई जमीन या फैक्ट्री बेचकर एक बार के लिए प्रॉफिट दिखा देती है, जिससे EPS पॉजिटिव दिखता है।
  • ❌ शेयर डाइल्यूशन की अनदेखी: यदि कंपनी लगातार नए शेयर जारी कर रही है, तो कुल प्रॉफिट बढ़ने पर भी प्रति शेयर EPS घट सकता है।
  • ❌ कैश फ्लो न देखना: सिर्फ बुक्स पर दर्ज प्रॉफिट देखना और यह न देखना कि ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव तो नहीं है।

6. 🔎 Screener Query — Copy & Paste

पूरी प्रक्रिया समझने के बाद, अब आप नीचे दिए गए बॉक्स से वेरिफाइड Screener Query कॉपी कर सकते हैं:

POSITIVE EPS SCREENING QUERY
EPS > 0

7. Query की Condition और सिंबल की व्याख्या

Condition आसान मतलब शामिल करने का कारण सावधानी
EPS > 0 Earnings Per Share शून्य से ज्यादा हो। लगातार घाटा कर रही कंपनियों को प्राथमिक स्तर पर बाहर करना। यह नहीं बताता कि मुनाफा कितना बड़ा या सस्टेनेबल है।
क्वेरी कस्टमाइज करने का सुझाव: यदि आप सिर्फ पॉजिटिव ईपीएस के बजाय मजबूत और लगातार बढ़ने वाली कंपनियां देखना चाहते हैं, तो आप Screener पर यह फॉर्मूला इस्तेमाल कर सकते हैं:
EPS > 0 AND EPS growth 3Years > 10 AND Return on capital employed > 15

8. रिसर्च चेकलिस्ट (Checklist)

  • क्या आपने समझा कि EPS पॉजिटिव होना सिर्फ पहला फिल्टर है?
  • क्या कंपनी का पिछले 3 से 5 साल का EPS ट्रेंड ऊपर की तरफ है?
  • क्या नेट प्रॉफिट कंपनी के कोर बिजनेस ऑपरेशंस से आ रहा है?
  • क्या कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव बना हुआ है?
  • क्या कंपनी पर कर्ज का बोझ मुनाफे के मुकाबले सुरक्षित स्तर पर है?

9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या Positive EPS वाली कंपनी खरीदना हमेशा सुरक्षित होता है?
नहीं। Positive EPS केवल यह बताता है कि कंपनी घाटे में नहीं है। कंपनी पर भारी कर्ज, कमजोर मैनेजमेंट या महंगा वैल्यूएशन हो सकता है।
Q2. Screener.in पर EPS का क्या मतलब होता है?
Screener पर EPS पिछले 12 महीनों (TTM - Trailing Twelve Months) के शुद्ध लाभ को कुल शेयरों की संख्या से भाग देकर दिखाया जाता है।
Q3. क्या निगेटिव EPS वाली कंपनी कभी नहीं खरीदनी चाहिए?
शुरुआती और सेफ इन्वेस्टर्स को निगेटिव EPS वाली कंपनियों से बचना चाहिए। कुछ हाई-ग्रोथ स्टार्टअप्स शुरुआत में घाटे में हो सकते हैं, लेकिन उनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है।
Q4. इस Query में बहुत ज्यादा स्टॉक्स आ रहे हैं, इसे छोटा कैसे करें?
आप साथ में Market Capitalization > 1000 AND Return on capital employed > 15 जोड़ दें, जिससे सिर्फ अच्छी कंपनियां ही फिल्टर होंगी।
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1. बेसिक Query: EPS > 0

2. मुख्य उद्देश्य: बाजार की लॉस-मेकिंग कंपनियों को बाहर कर प्रॉफिटेबल कंपनियों की प्राथमिक लिस्ट तैयार करना।

3. गोल्डन रूल: केवल पॉजिटिव आंकड़े देखकर निवेश न करें; लगातार ग्रोथ और कैश फ्लो की पुष्टि जरूर करें।

संबंधित गाइड्स (Related Guides)

"एक अच्छा निवेशक सबसे पहले अपनी पूंजी को घाटे वाली कंपनियों से बचाता है, क्योंकि जब नुकसान रुकता है तभी सही मुनाफे की शुरुआत होती है।"
Stock Biz Original Thought — Vivek Malviya
SEBI Educational Disclaimer: यह content केवल Educational और Informational purpose के लिए है। यह किसी भी stock को Buy, Sell या Hold करने की recommendation, investment advice या guaranteed return का दावा नहीं है। Stock Market में Investment और Trading market risk के अधीन हैं। किसी भी investment decision से पहले अपनी research करें और जरूरत पड़ने पर SEBI-registered investment adviser से सलाह लें। Past performance future returns की guarantee नहीं है।

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