Profit Growth वाली Companies खोजने की Screener Query
सीधा उत्तर: यह Screener Query मुख्य रूप से ऐसी कंपनियों को फ़िल्टर करती है जो केवल कागजी आंकड़े नहीं, बल्कि पिछले 3 वर्षों से लगातार 15% से अधिक की दर से अपना नेट प्रॉफिट बढ़ा रही हैं। साथ ही, उनका सेल्स ग्रोथ और रिटर्न ऑन कैपिटल (ROCE) भी मजबूत बना हुआ है।
शेयर बाजार में किसी भी शेयर का भाव लंबे समय में कंपनी के प्रॉफिट के पीछे ही दौड़ता है। लेकिन सिर्फ एक तिमाही का प्रॉफिट देखकर शेयर खरीदना भारी पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि असली प्रॉफिट ग्रोथ कैसे जांची जाती है।
1. यह Query क्यों जरूरी है? (Why This Query Matters)
मार्केट में कई बार ऐसी कंपनियां दिखती हैं जिनका शेयर अचानक 20-30% भाग जाता है क्योंकि उन्होंने इस बार अच्छा प्रॉफिट दिखाया। लेकिन गहराई से देखने पर पता चलता है कि उन्होंने कोई जमीन या फैक्ट्री बेची थी (Other Income), जिससे मुनाफा अचानक उछल गया।
यह क्वेरी उस एकमुश्त (One-time) मुनाफे के धोखे से बचाती है। यह सिर्फ उन्हीं कंपनियों को आगे लाती है जो अपने मुख्य बिजनेस से लगातार 3 साल से प्रॉफिट और सेल्स दोनों बढ़ा रही हैं।
2. असली Profit Growth और टिकाऊ Business की पहचान
एक समझदार निवेशक को प्रॉफिट की संख्या के साथ-साथ उसकी क्वालिटी भी देखनी चाहिए। असली प्रॉफिट ग्रोथ की 4 बड़ी निशानियां होती हैं:
अगर सेल्स नहीं बढ़ रही और सिर्फ प्रॉफिट बढ़ रहा है, तो वह ग्रोथ लंबे समय तक नहीं टिकती।
कंपनी का दिखाया गया नेट प्रॉफिट असली कैश बनकर बैंक खाते में भी आना चाहिए।
कच्चा माल महंगा होने पर भी कंपनी अपने मार्जिन को बरकरार रखने की ताकत रखती हो।
मुनाफे का बड़ा हिस्सा बैंक को ब्याज चुकाने में न जा रहा हो, बल्कि बिजनेस को बढ़ाने में लग रहा हो।
3. रिजल्ट आने के बाद क्या देखें? (Research Process)
जब स्क्रीनर से कंपनियों की लिस्ट सामने आए, तो सीधे खरीदने के बजाय इन 4 पैमानों पर उनकी पड़ताल करें:
- Other Income की जांच: P&L स्टेटमेंट में देखें कि प्रॉफिट में अदर इनकम का हिस्सा 10-15% से ज्यादा तो नहीं है।
- Valuation (P/E और PEG): क्या 20% ग्रोथ वाली कंपनी 120 के P/E पर मिल रही है? बहुत महंगे वैल्यूएशन में करेक्शन का रिस्क रहता है।
- प्रमोटर होल्डिंग: क्या कंपनी के प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं या उन्होंने अपने शेयर गिरवी (Pledge) रखे हैं?
- लेटेस्ट क्वार्टर ट्रेंड: 3 साल का औसत अच्छा हो सकता है, लेकिन पिछली 2 तिमाहियों में मार्जिन अचानक गिर तो नहीं रहा?
4. आम गलतियां जो नए निवेशक करते हैं
- ❌ Query रिजल्ट को सीधी Buy List समझ लेना: लिस्ट में सबसे ऊपर आने वाले नाम पर बिना जांचे पैसा लगा देना।
- ❌ कैश फ्लो को नजरअंदाज करना: कंपनी मुनाफा तो दिखा रही है लेकिन माल उधारी पर बेच रही है, जिससे कैश नहीं आ रहा।
- ❌ साइक्लिकल सेक्टर्स में फंसना: स्टील या केमिकल कंपनियां अपनी साइकिल के पीक पर बहुत ज्यादा प्रॉफिट दिखाती हैं जो बाद में क्रैश हो सकता है।
- ❌ अत्यधिक वैल्यूएशन देना: अच्छी प्रॉफिट ग्रोथ के नाम पर किसी भी भाव पर शेयर खरीद लेना।
5. 🔎 Screener Query — Copy & Paste
पूरे फंडामेंटल लॉजिक को समझने के बाद, अब आप नीचे दी गई जांची-परखी Query को कॉपी करके Screener पर इस्तेमाल कर सकते हैं:
6. Query की हर Condition की व्याख्या
| Condition | आसान मतलब | क्यों रखा गया? | क्या सावधानी रखें? |
|---|---|---|---|
| Profit growth 3Years > 15 | पिछले 3 साल में शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से ज्यादा बढ़ा हो। | लगातार और मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ वाली कंपनियों को छांटने के लिए। | कभी-कभी लो-बेस (पिछले साल बहुत कम प्रॉफिट) के कारण ग्रोथ ज्यादा दिख सकती है। |
| Sales growth 3Years > 12 | बिक्री में पिछले 3 साल से 12% सालाना से अधिक की बढ़त हो। | यह पक्का करने के लिए कि प्रॉफिट सचमुच धंधा बढ़ने से आ रहा है। | कमोडिटी कंपनियों में भाव बढ़ने से भी कुछ समय के लिए सेल्स तेज दिखती है। |
| ROCE > 15 | लगाई गई कुल पूंजी पर कम से कम 15% की ऑपरेटिंग कमाई। | मैनेजमेंट पूंजी का सही और लाभदायक उपयोग कर रहा है। | भारी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में यह सामान्य रूप से थोड़ा कम रहता है। |
| Debt to equity < 0.6 | कुल कर्ज कंपनी के नेटवर्थ के 60% से कम होना चाहिए। | ब्याज के बोझ से सुरक्षा ताकि प्रॉफिट सीधा शेयरधारकों के काम आए। | बैंकों और NBFCs पर यह लागू नहीं होता क्योंकि कर्ज ही उनका कच्चा माल है। |
| Market Cap > 1000 | कंपनी का कुल बाजार भाव ₹1,000 Cr से अधिक हो। | अत्यधिक इललिक्विड और ऑपरेटर-ड्रिवन पेनी स्टॉक्स से सुरक्षा। | बड़ी कंपनी होने से मंदी का रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं होता। |
7. Screener पर Query कैसे चलाएं? (Step-by-Step)
- वेब ब्राउज़र में Screener.in पोर्टल ओपन करें।
- टॉप मेन्यू में Screens पर जाएं और Create a search query चुनें।
- ऊपर दिए गए बॉक्स से Copy Query बटन दबाकर कोड कॉपी करें और खाली बॉक्स में पेस्ट करें।
- Run this Query बटन दबाएं।
- सामने आई लिस्ट में कंपनियों की संख्या देखें और एक-एक करके उनका 10 साल का P&L और बैलेंस शीट चेक करें।
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
9. रिसर्च चेकलिस्ट (Checklist)
- क्या आपने Query के सभी 5 पैमानों का उद्देश्य समझ लिया?
- क्या कंपनी का 3 साल का प्रॉफिट ग्रोथ सेल्स ग्रोथ के साथ कदम मिलाकर चल रहा है?
- क्या ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेट प्रॉफिट के करीब या उससे ज्यादा है?
- क्या कंपनी का डेट-टू-इक्विटी अनुपात नियंत्रण में है?
- क्या वैल्यूएशन (P/E, PEG) इंडस्ट्री औसत के मुकाबले उचित है?
- क्या प्रमोटर के शेयर गिरवी (Pledged) नहीं रखे हैं?
1. कोर फॉर्मूला: 3 साल की प्रॉफिट ग्रोथ > 15% + सेल्स ग्रोथ > 12% + लो-डेट + हेल्दी ROCE।
2. मुख्य उद्देश्य: वन-टाइम मुनाफे वाली कंपनियों को बाहर कर वास्तविक धंधे से कमाने वाली कंपनियों को छांटना।
3. सीधा नियम: मुनाफा कंपनी का इंजन है, लेकिन कैश फ्लो उसका ईंधन; दोनों का होना जरूरी है।

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